सिगरेट, बीड़ी, गुटका और इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED): तंबाकू क्या करता है और छोड़ने पर क्या सुधरता है
प्रकाशित 13 जून 2024 · अपडेट 2 अक्टू॰ 2026 · 10 मिनट
सीधा जवाब
हाँ, तंबाकू से इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) हो सकता है। निकोटिन ख़ून की नसों को सिकोड़ता है और धुएँ के केमिकल उनकी अंदरूनी परत को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे लिंग तक कम ख़ून पहुँचता है। गुटका और खैनी जैसा बिना धुएँ वाला तंबाकू भी सुरक्षित विकल्प नहीं है। अच्छी बात यह है कि छोड़ने के बाद कई पुरुषों में इरेक्शन हफ़्तों से महीनों में बेहतर होता है।
क्या सिगरेट पीने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है?
हाँ। धूम्रपान ED के सबसे पक्के जीवनशैली वाले कारणों में से एक है, और जो पुरुष सिगरेट-बीड़ी पीते हैं उन्हें ED होने की संभावना उन पुरुषों से साफ़ तौर पर ज़्यादा होती है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया। जितना ज़्यादा और जितने साल पीते हैं, जोखिम उतना बढ़ता है।
यह उन कारणों में से है जिनमें उम्मीद ज़्यादा है, क्योंकि तंबाकू की आदत बदली जा सकती है। इस विषय पर नए हैं? हमारी गाइड इरेक्टाइल डिसफंक्शन: कारण, लक्षण और इलाज से शुरू करें।
निकोटिन और तंबाकू लिंग तक ख़ून के बहाव को कैसे नुकसान पहुँचाते हैं?
इरेक्शन मुख्य रूप से ख़ून के बहाव का काम है, और तंबाकू इस पर दो तरह से वार करता है: निकोटिन नसों को तुरंत सिकोड़ता है, और धुआँ सालों में उनकी अंदरूनी परत को धीरे-धीरे चोट पहुँचाता है।
- निकोटिन और धुएँ के केमिकल ख़ून में पहुँचते हैं
- नसों की अंदरूनी परत (एंडोथीलियम) को चोट लगती है
- नाइट्रिक ऑक्साइड कम बनता है
- धमनियाँ तंग और सख़्त रहती हैं
- लिंग में कम ख़ून भरता है
- इरेक्शन कमज़ोर या कम देर टिकने वाला
- निकोटिन नसों को सिकोड़ता है। हर सिगरेट या बीड़ी कुछ देर के लिए धमनियों को कस देती है और दिल की धड़कन व ब्लड प्रेशर बढ़ा देती है। लिंग की धमनियाँ बहुत छोटी होती हैं, इसलिए इसका असर वहाँ सबसे पहले दिखता है।
- एंडोथीलियम को नुकसान होता है। एंडोथीलियम आपकी नसों की पतली अंदरूनी परत है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड छोड़ती है, वह केमिकल जो धमनियों को ढीला करता है ताकि लिंग में ख़ून तेज़ी से भर सके। धुएँ के केमिकल नाइट्रिक ऑक्साइड घटाते हैं और परत में सूजन छोड़ जाते हैं।
- नसों में प्लाक जमता है। लंबे समय तक तंबाकू लेने से धमनियों में चर्बी की परतें (एथेरोस्क्लेरोसिस) तेज़ी से जमती हैं।
- BP और शुगर बिगड़ते हैं। धूम्रपान से हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ काबू करना मुश्किल हो जाता है, और ये दोनों ED के बड़े कारण हैं। हमारी गाइड देखें: हाई BP और ED और डायबिटीज़ और ED।
क्योंकि वही धमनियाँ आपके दिल, दिमाग़ और लिंग को ख़ून देती हैं, इसलिए 40 साल से ऊपर के पुरुष में नया ED दिल का जोखिम जाँचवाने की वजह है, सिर्फ़ बेडरूम की परेशानी नहीं। ED हार्ट अटैक या स्ट्रोक से लगभग 3 से 5 साल पहले दिख सकता है।
क्या बीड़ी और सिगरेट इरेक्शन के लिए बराबर नुकसानदेह हैं?
हर तरह का धुएँ वाला तंबाकू नसों को नुकसान पहुँचाता है, और भारत में चलने वाला कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है। बीड़ी में भी निकोटिन, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड होता है।
| रूप | निकोटिन होता है? | इरेक्शन और सेहत पर मुख्य ख़तरा |
|---|---|---|
| सिगरेट | हाँ | नसों की परत को नुकसान, प्लाक, कार्बन मोनोऑक्साइड, फेफड़े और दिल की बीमारी |
| बीड़ी | हाँ | सिगरेट जैसा ही, अक्सर एक बीड़ी में ज़्यादा कश; टार और कार्बन मोनोऑक्साइड ज़्यादा |
| गुटका / तंबाकू वाला पान मसाला | हाँ | निकोटिन और दूसरे केमिकल मुँह से सोखे जाते हैं; मुँह के कैंसर से गहरा संबंध |
| खैनी / ज़र्दा / चबाने वाला तंबाकू | हाँ | निकोटिन देर तक मुँह में रहता है; मुँह का कैंसर और मसूड़ों की बीमारी; निकोटिन से नसों पर असर |
| ई-सिगरेट / वेप | ज़्यादातर में | निकोटिन फिर भी नसें सिकोड़ता है; लंबे समय का असर अभी ठीक से पता नहीं |
क्या गुटका और खैनी जैसा बिना धुएँ वाला तंबाकू इरेक्शन के लिए ज़्यादा सुरक्षित है?
नहीं। बिना धुएँ वाला तंबाकू धूम्रपान का सुरक्षित विकल्प नहीं है, और गुटका या खैनी को ऐसी "बेज़रर" आदत नहीं समझना चाहिए जो आपकी सेक्स लाइफ़ को बख़्श दे।
गुटका, खैनी और ज़र्दे का निकोटिन मुँह की परत से सोखा जाता है, ख़ून में जाता है और उन्हीं नसों तक पहुँचता है जिन तक सिगरेट का निकोटिन पहुँचता है। पुड़िया गाल में देर तक रहती है, इसलिए निकोटिन ज़्यादा देर तक सोखा जाता रहता है। बिना धुएँ वाले तंबाकू और ED पर सीधे शोध धूम्रपान के मुक़ाबले कम है, इसलिए हम यह दावा नहीं करते कि असर बिल्कुल एक जैसा है। लेकिन निकोटिन का नसों पर असर जाना-माना है, और बिना धुएँ वाला तंबाकू अपना गंभीर नुकसान भी लाता है: मुँह का कैंसर, मसूड़ों की बीमारी, दाँत गिरना और मुँह में जकड़न (सबम्यूकस फाइब्रोसिस)।
क्या तंबाकू स्पर्म की क्वालिटी और फर्टिलिटी पर असर डालता है?
हाँ। धूम्रपान का संबंध कम स्पर्म काउंट, स्पर्म की कमज़ोर चाल (मोटिलिटी) और बेढंगे आकार वाले स्पर्म ज़्यादा होने से है, और यह स्पर्म के अंदर के DNA को भी नुकसान पहुँचा सकता है।
धुएँ के ज़हरीले तत्व वीर्य में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं। गुटका-खैनी और स्पर्म पर सबूत कम हैं, पर समझदारी की सलाह वही है: बच्चे की कोशिश कर रहे हैं तो हर तरह का तंबाकू बंद करें। स्पर्म को तैयार होने में करीब ढाई से तीन महीने लगते हैं, इसलिए सुधार छोड़ने के लगभग तीन महीने बाद सीमेन टेस्ट में दिखता है, अगले हफ़्ते नहीं। और पढ़ें: कम स्पर्म काउंट और मोटिलिटी।
तंबाकू छोड़ने के बाद क्या सुधरता है, और लगभग कब?
कुछ फ़ायदे घंटों में शुरू हो जाते हैं, जबकि इरेक्शन और स्पर्म को ठीक होने में हफ़्ते से महीने लगते हैं। जिन्होंने दशकों तक सेवन किया है, या जिन्हें डायबिटीज़ या हाई BP भी है, उन्हें ज़्यादा समय और अतिरिक्त इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है।
| कब | आम तौर पर क्या बदलता है |
|---|---|
| कुछ घंटों से 2 दिन में | दिल की धड़कन और BP संभलते हैं; कार्बन मोनोऑक्साइड ख़ून से निकल जाती है |
| पहले 1 से 2 हफ़्ते | तलब पहले कुछ दिन सबसे तेज़, फिर घटती है; स्वाद, सूँघने की क्षमता और नींद अक्सर बेहतर |
| 1 से 3 महीने | सर्कुलेशन सुधरता है और नसों की परत ठीक होने लगती है; कुछ पुरुषों को ज़्यादा सख़्त या भरोसेमंद इरेक्शन महसूस होता है |
| लगभग 3 महीने | स्पर्म का नया बैच तैयार हो चुका होता है, इसलिए सीमेन क्वालिटी दोबारा जाँची जा सकती है |
| 6 से 12 महीने | धूम्रपान से जुड़े ED वाले कई पुरुषों में साफ़ सुधार दिखता है; दिल का जोखिम सालों तक घटता रहता है |
छोड़ने से ED पूरी तरह चला जाएगा, इसका वादा नहीं किया जा सकता। अगर कुछ महीनों बाद भी इरेक्शन कमज़ोर है, तो डायबिटीज़, लो टेस्टोस्टेरोन, तनाव या किसी दवा का साइड इफ़ेक्ट जैसा कोई और कारण हो सकता है। सिल्डेनाफिल या टैडालाफिल जैसी गोलियाँ जोड़ी जा सकती हैं, सिर्फ़ डॉक्टर के पर्चे पर।
वेपिंग और ई-सिगरेट का क्या?
वेपिंग आपके इरेक्शन को बचाने का सुरक्षित तरीक़ा नहीं है। ज़्यादातर वेप में निकोटिन होता है, और निकोटिन नसों को सिकोड़ता है और दिल की धड़कन व BP को वैसे ही बढ़ाता है जैसे सिगरेट से।
ई-सिगरेट में धुएँ के कुछ केमिकल नहीं होते, पर इरेक्शन और स्पर्म पर लंबे समय के असर पर अभी शोध चल रहा है। वेप पर आ जाना निकोटिन छोड़ना नहीं है। भारत में ई-सिगरेट की बिक्री और उत्पादन पर रोक है, इसलिए जो मिलता है वह नियमन के बाहर है और आपको पता नहीं कि उसमें क्या है।
भारत में तंबाकू कैसे छोड़ें?
ज़्यादातर पुरुषों के लिए सिर्फ़ इच्छाशक्ति से बेहतर है एक योजना, साथ और ज़रूरत पड़ने पर दवाएँ। निकोटिन की लत एक मेडिकल स्थिति है, इसलिए कुछ बार कोशिश करनी पड़े तो यह आम बात है।
- छोड़ने की तारीख़ तय करें, अगले 1 से 2 हफ़्ते के भीतर की, और किसी एक भरोसेमंद व्यक्ति को बताएँ। अपने बैग, बाइक की डिक्की और डेस्क से सिगरेट, बीड़ी, लाइटर, गुटके के पाउच और खैनी की पुड़िया हटा दें।
- अपने ट्रिगर पहचानें। कई भारतीय पुरुषों के लिए ये हैं: सुबह की चाय, खाने के बाद, रात की शिफ़्ट, लंबी ड्राइव, काम का तनाव और पान की दुकान पर दोस्तों के साथ "बस एक"। बदले में कुछ रखें: थोड़ी सैर, पानी, सौंफ़, लौंग या शुगर-फ़्री च्युइंग गम।
- नेशनल टोबैको क्विट लाइन पर कॉल करें: 1800-11-2356। यह भारत सरकार की टोल-फ़्री हेल्पलाइन है जो तंबाकू छोड़ना चाहने वालों को काउंसलिंग देती है।
- निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) के बारे में पूछें। पैच, गम और लोज़ेंज बिना धुएँ के निकोटिन की नपी-तुली मात्रा देते हैं और तलब कम करते हैं। कितनी स्ट्रेंथ लें और धीरे-धीरे कैसे घटाएँ, यह डॉक्टर बताएँगे।
- तंबाकू छुड़ाने वाली दवाओं के बारे में पूछें। डॉक्टर कभी-कभी वैरेनिक्लिन या ब्यूप्रोपियन जैसी दवाएँ लिखते हैं, सिर्फ़ डॉक्टर के पर्चे पर और आपकी सेहत व बाक़ी दवाएँ देखने के बाद।
- फिसलने की तैयारी रखें। एक बार फिसल जाना हार नहीं है। ट्रिगर नोट करें और उसी दिन दोबारा शुरू करें।
छोड़ते समय इरेक्शन के लिए और क्या मदद करता है?
- रोज़ चलें: ज़्यादातर दिन करीब 30 मिनट तेज़ चाल से पैदल, साइकिलिंग या जॉगिंग।
- नसों के लिए खाएँ: दाल, सब्ज़ियाँ, फल, मेवे, दही और साबुत अनाज; तले नाश्ते (समोसा, पकौड़े), मिठाई और ज़्यादा मीठी चाय कम। शाकाहारी खाना यहाँ अच्छा काम करता है।
- शराब कम करें: यह अक्सर धूम्रपान के साथ चलती है और इरेक्शन भी कमज़ोर करती है। देखें शराब और ED।
- नींद और तनाव: नाइट-शिफ़्ट वाले अक्सर जागे रहने के लिए सिगरेट पीते हैं, इसलिए जहाँ हो सके नींद का समय ठीक करें। पढ़ें तनाव, ED और PE।
डॉक्टर को कब दिखाएँ?
अगर आप किसी भी रूप में तंबाकू लेते हैं और इरेक्शन की दिक़्क़त करीब तीन हफ़्ते से एक महीने से ज़्यादा रहे, या आप ख़ुद छोड़ नहीं पा रहे, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- आपकी उम्र 40 से ऊपर है और नया ED हुआ है, भले ही आप बाक़ी ठीक महसूस करें।
- सीने में दर्द या साँस फूलती है; तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
- तंबाकू चबाते हैं और मुँह में सफ़ेद या लाल धब्बा, 2 हफ़्ते से ज़्यादा न भरने वाला छाला, या मुँह खोलने में दिक़्क़त है।
- आप बच्चे की कोशिश कर रहे हैं और एक साल में गर्भ नहीं ठहरा।
- आपने एक से ज़्यादा बार छोड़ने की कोशिश की और फिर शुरू हो गए।
ऑनलाइन कंसल्ट एक निजी पहला क़दम है: डॉक्टर शुगर, BP, कोलेस्ट्रॉल और टेस्टोस्टेरोन जाँच सकते हैं और छोड़ने में मदद कर सकते हैं। अगर ED और जल्दी स्खलन दोनों परेशान करते हैं, तो देखें ED और PE साथ में।
भ्रम बनाम सच
भ्रम मैं सिगरेट नहीं पीता, गुटका-खैनी सुरक्षित है।
सच बिना धुएँ वाला तंबाकू निकोटिन और कई हानिकारक केमिकल देता है। यह भारत में मुँह के कैंसर का बड़ा कारण है, और निकोटिन नसों पर असर करता है चाहे वह किसी भी रास्ते से शरीर में जाए।
भ्रम बीड़ी सिगरेट से हल्की होती है।
सच बीड़ी में निकोटिन, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड होता है और वह किसी काम की बात में हल्की नहीं है। आपके दिल या इरेक्शन के लिए यह हल्का विकल्प नहीं है।
भ्रम नुकसान हो चुका है, अब छोड़ने से क्या फ़ायदा।
सच छोड़ने के बाद नसें और स्पर्म बनना काफ़ी हद तक ठीक हो सकते हैं, और कई पुरुषों को महीनों में बेहतर इरेक्शन महसूस होता है। जितनी जल्दी छोड़ें, नतीजा उतना अच्छा।
भ्रम वेप पर आ गया मतलब मैंने छोड़ दिया।
सच ज़्यादातर वेप में अब भी निकोटिन होता है, जो नसें सिकोड़ता है। धुएँ का कुछ असर कम हो सकता है, पर लक्ष्य निकोटिन से पूरी तरह छूटना होना चाहिए।
पक्का नहीं कि वजह क्या है?
2 मिनट का प्राइवेट हेल्थ चेक लें। एक रजिस्टर्ड डॉक्टर इसे देखकर संभावित वजह ढूँढते हैं और आपके साथ प्लान बनाते हैं।
2 मिनट का हेल्थ चेक लें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या धूम्रपान से हुआ ED ठीक हो सकता है?
कई पुरुषों में हाँ, कम से कम कुछ हद तक। छोड़ने के बाद नसें ठीक होती हैं तो इरेक्शन अक्सर हफ़्तों से महीनों में बेहतर होता है। अगर डायबिटीज़, हाई BP या लो टेस्टोस्टेरोन भी है, तो और इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है।
सिगरेट छोड़ने के कितने समय बाद इरेक्शन सुधरता है?
कुछ पुरुषों को एक से तीन महीने में फ़र्क़ महसूस होता है, और छह से बारह महीनों में और सुधार आम है। यह इस पर निर्भर है कि आपने कितने समय और कितनी मात्रा में पी और आपकी सामान्य सेहत कैसी है।
क्या गुटका या खैनी चबाने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है?
बिना धुएँ वाला तंबाकू निकोटिन देता है, जो नसों को सिकोड़ता है, इसलिए इरेक्शन को नुकसान की आशंका वाजिब है, हालाँकि शोध धूम्रपान से कम है। इसका सबसे साफ़ नुकसान मुँह का कैंसर, मसूड़ों की बीमारी और मुँह में जकड़न है, जो छोड़ने के लिए काफ़ी वजह है।
क्या तंबाकू छोड़ने से मेरा स्पर्म काउंट सुधरेगा?
सुधर सकता है। धूम्रपान का संबंध कम स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और सामान्य आकार से है, और स्पर्म को नया बनने में करीब तीन महीने लगते हैं। अगर आप बच्चे की कोशिश कर रहे हैं, तो छोड़ने के लगभग तीन महीने बाद सीमेन एनालिसिस कराना समझदारी है।
भारत में नेशनल टोबैको क्विट लाइन का नंबर क्या है?
यह 1800-11-2356 है, भारत सरकार का टोल-फ़्री नंबर। काउंसलर तंबाकू छोड़ना चाहने वालों की मदद करते हैं, चाहे वे सिगरेट पीते हों या चबाते हों।
क्या ED होने पर निकोटिन गम या पैच से तंबाकू छोड़ सकता हूँ?
निकोटिन रिप्लेसमेंट आम तौर पर धूम्रपान जारी रखने से ज़्यादा सुरक्षित रास्ता है, क्योंकि इसमें धुएँ के केमिकल नहीं होते और आप धीरे-धीरे घटा सकते हैं। पहले डॉक्टर से बात करें, ख़ासकर अगर दिल की बीमारी या हाई BP है।
स्रोत
- Erectile Dysfunction (ED) Guideline — American Urological Association (AUA)
- Guidelines on Sexual and Reproductive Health — European Association of Urology (EAU)
- Erectile Dysfunction — National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK)
- Tobacco fact sheet — World Health Organization (WHO)
- Tobacco kills, dial 1800 11 2356 to quit! — World Health Organization, India
- Erectile dysfunction (impotence) — NHS
मेडिकल डिस्क्लेमर. यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी योग्य डॉक्टर से परामर्श का विकल्प नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई प्रिस्क्रिप्शन दवा शुरू, बंद या साथ में न लें — कुछ ED दवाएँ दिल या ब्लड प्रेशर की दवाओं, ख़ासकर नाइट्रेट, के साथ ख़तरनाक हो सकती हैं। हम कंटेंट का रिव्यू कैसे करते हैं.